भाषा से बनथे समाज के मजबूत नींव
अपन भाषा, संस्कृति आ चेतना से समाज के विकास के रास्ता मजबूत होवऽ हे...
राढ़ माटिक माई भाषा कुड़माली
एहे हामर पहचान, एहे हामर बोली
आ हामर समाज के ज्ञान आ जागरण कर एकटा मंच। धन्धौरा — एकटा आलाव, जे मन में चेतना, पुनर्जागरण आ बौद्धिक विचार के लौ जगावऽ हे।
✍️ आपन लेखा भेजा →कुड़माली भाषा, हामर लोकजीवन, समाज, गीत, साहित्य आ सांस्कृतिक पहचान से जुड़ल भाषा के रूप में इहाँ अध्ययन आ सामग्री के मंच तैयार किया जा रहा है।
संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, काल, वचन, लिंग, पुरुष, कारक, उपसर्ग, प्रत्यय, वाक्य संरचना आ शब्द निर्माण जइसन विषय इहाँ जोड़े जा सकते हैं।
सामान्य शब्द, समानार्थी, विलोम, मुहावरा, लोकोक्ति, पहेली आ बुझौवल के सामग्री भविष्य में इहाँ प्रकाशित की जा सकेगी।
कुड़माली भाषा, साहित्य, व्याकरण, लोक-साहित्य आ झारखंडी समाज से जुड़ल अध्ययन सामग्री के व्यवस्थित रूप से प्रकाशित किया जा सकेगा।
JPSC/JSSC से संबंधित कुड़माली अध्ययन, नोट्स, प्रश्न-अभ्यास आ विषयवार सामग्री के लिए यह जगह उपयोगी रहेगी।
शिक्षक, प्रोफेसर, शोधकर्ता आ विद्यार्थियों के लिए भाषा-साहित्य से संबंधित सामग्री और संदर्भ यहाँ जोड़े जा सकते हैं।
मांदर, अखरा, करम, टुसू, बिहा, डमकच, ढप आ पांतागीत जैसे लोक-सांस्कृतिक विषयों पर सामग्री यहाँ दिखाई जाएगी।
सरहुल, सोहराय, बंदना तथा गांव-समुदाय के लोक-पर्व, परंपरा और लोकविश्वास से जुड़ी सामग्री का संग्रह बनाया जा सकता है।
माटी, खेती-बारी, हाट-बाजार, लोककला, गांव के जीवन और सामुदायिक परंपराओं की झलक इस भाग में मिलेगी।
कुड़माली भाषा, साहित्य, संस्कृति और समाज से संबंधित पुस्तक, शोध और संदर्भ सामग्री के लिए स्थान।
अध्ययन नोट्स, विषयवार प्रश्नोत्तर और परीक्षा-तैयारी सामग्री भविष्य में यहाँ जोड़ी जा सकती है।
भाषा, व्याकरण, लोक-साहित्य, लोकगीत, साहित्य और समाज से जुड़े नए विषय लगातार जोड़े जा सकते हैं।
अपन भाषा, संस्कृति आ चेतना से समाज के विकास के रास्ता मजबूत होवऽ हे...
कुड़माली भाषा के समृद्ध परंपरा आ वर्तमान स्थिति पर एक नजर...
माटी, लोग आ लोकपरंपरा — हामर पहचान के जड़ से जुड़ल कहानी...
कहानी, कविता, उपन्यास, पुस्तक, व्यंग्य लेख, ब्लॉग, नाटक, गीत, शोध, संस्मरण, समीक्षा, लोक-साहित्य आ अन्य विधा — अपन रचना हामर मंच पर प्रकाशन खातिर भेजीं।
धन्धौरा के अर्थ आलाव — एगो ऐसी लौ जे लोगन में पुनर्जागरण, चेतना के विकास, क्रांति आ बौद्धिकता के ओर बढ़े के प्रेरणा देवे। कुड़माली धन्धौरा हामर भाषा, हामर चेतना, हामर विचार आ हामर समाज के ज्ञान आ जागरण कर एकटा मंच हवे।
कुड़माली भाषा, साहित्य, समाज, इतिहास और संस्कृति पर काम करने वाले शिक्षक, प्रोफेसर एवं शोधार्थियों के लिए अलग academic community।
ईमेल public नहीं होगा। OTP verify होने के बाद आपकी User ID सुरक्षित रूप से verify हो जाएगी।
आपका संदेश नाम और User ID के साथ तुरंत सार्वजनिक होगा। मोबाइल नंबर/ईमेल यहाँ न लिखें। बेहतर पहचान के लिए ऊपर ईमेल OTP verify करें।